फरीदाबाद, फरवरी 13 -- फरीदाबाद/नूंह, वरिष्ठ संवाददाता। अरावली में प्रस्तावित जंगल सफारी परियोजना पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद पर्यावरण प्रेमियों में खुशी का माहौल है। अदालत ने हालिया सुनवाई में अरावली क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र बताते हुए यहां किसी भी बड़े निर्माण और व्यावसायिक गतिविधि को गंभीरता से परखने की बात कही है। इससे नूंह और गुरुग्राम में करीब 10 हजार एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाने वाली महत्वाकांक्षी सफारी योजना पर फिलहाल ब्रेक लगने की संभावना है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अरावली की ऊंचाई और सीमांकन को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। उसके बाद यह दूसरा बड़ा फैसला माना जा रहा है, जिसने राज्य सरकार की इस बहुप्रचारित परियोजना को अनिश्चितता में डाल दिया है। राज्य सरकार की योजना के तहत गुरुग्राम और नू...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.