अराजकतत्वों ने 20 कुंतल पिरुल जलाया
अल्मोड़ा, मई 31 -- अल्मोड़ा, वरिष्ठ संवाददाता। अराजकतत्व एक तरफ जंगलों को आग के हवाले कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जो लोग जंगलों को बचाने की मुहिम में जुटे हुए हैं उनके लिए भी परेशानी का सबब बने हुए हैं।
शीतलाखेत क्षेत्र की स्थिति शीतलाखेत क्षेत्र में 20 कुंतल जमा किए गए पिरुल के ढेरों को आग के हवाले कर दिया। जंगल के दोस्त समिति के संयोजक गजेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि शीतलाखेत क्षेत्र वनाग्नि रोकथाम के लिए पूरे प्रदेश में मॉडल के रूप में जाना जाता है। यहां के लोग और महिलाएं जंगलों को आग से बचाने के लिए दिन रात लगे रहते हैं। इसी मुहीम के तहत कई गांवों की महिलाओं ने जंगलों से पिरुल को जमा किया था। ताकि वनाग्नि की रोकथाम हो सके। साथ ही वन विभाग की योजना के तहत उन्हें दस रुपये प्रति किलो की दर से पिरुल का भुगतान हो सके। कई समूहों और मंगल दल की...
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