जौनपुर, फरवरी 5 -- जौनपुर, संवाददाता। रबी सीजन में बोई जाने वाली अरहर की फसल में फूल लग रहे हैं। इसके बाद फलियां लगने लगेंगी। ऐसे में किसान फली छेदक कीट के प्रकोप के प्रति सचेत रहें। ये कीट फूलों में घुस कर बैठ जाएंगे। फलियां लगने पर दानों को चूसकर तब बाहर निकलेंगे। इससे दाने तिरछी होकर रह जाएंगे। अरहर के पौधों में जब फूल लगने लगते हैं, उसी समय फली छेदक कीट उसमें बैठ जाते हैं। फूलों के भीतर पहले अंडे देते हैं। फलियां लगने के लिए फूलों का मुंह बंद होने से पहले कीट अंडा छोड़कर निकल जाते हैं। जब फलियों में नरम दाने बनने लगते हैं तो अंडों से निकले फली छेदक कीट दानों का रस चूस जाते हैं। दानों को खोखला करने के बाद फली में छेदकर बाहर निकल जाते हैं। प्राय: देखा जाता है कि जब किसान फली में छेद देखते हैं तो फली छेदक को मारने के लिए दवा का छिड़काव करत...
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