नई दिल्ली, जून 23 -- दिल्ली में अपनी पहली सरकार बनाने से पहले अरविंद केजरीवाल ने जिन कुछ मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था उनमें बिजली कंपनियों का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से ऑडिट कराना भी शामिल था। हालांकि, वह ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाए। अब करीब 13 साल बाद रेखा गुप्ता के राज में इसका रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड का कैग को ऑडिट सौंपने के दिल्ली सरकार के प्रस्ताव में दखल देने से इनकार कर दिया। जस्टिस तेजस करिया की अवकाशकालीन पीठ ने बिजली वितरण कंपनियों की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि इस स्तर पर उनकी चुनौती समयपूर्व है। पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार के 6 जून के नोटिस (जिसमें याचिकाकर्ताओं का ऑडिट कैग को सौंपने का प्रस्ताव है) में कोई ऐसी गलत बात...