नई दिल्ली, जून 17 -- अन्ना हजारे को चेहरा बनाकर दिल्ली में हुए भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद आम आदमी पार्टी (आप) की स्थापना में जिन लोगों ने सबसे अधिक भूमिका निभाई, उनमें प्रशांत भूषण का भी अहम योगदान था। हालांकि, वह इस पार्टी का हिस्सा बहुत लंबे समय तक नहीं रह सके। 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ मतभेदों की वजह से उन्हें और योगेंद्र यादव जैसे बुद्धिजीवियों को रास्ता अलग करना पड़ा था। प्रशातं भूषण ने एक ताजा पॉडकास्ट में बताया है कि क्यों और किस तरह उनका 'आप' से मोहभंग हो गया था। वरिष्ठ वकील ने यह भी दावा किया कि अरविंद केजरीवाल ने अपने ही नेता को 'भाजपा से मिला हुआ' साबित कराने के लिए अपने ही आदमियों से मैसेज करा दिया था और फिर उसे बाहर निकाल दिया। भूषण के आरोपों पर फिलहाल आम आदमी पार्टी की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई...