भागलपुर, मई 6 -- कुर्साकांटा, अररिया से अनिल झा की रिपोर्ट कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि जिले में गेहूं फसल तैयार हो गया है। खेत अभी खाली पड़े हैं। आम तौर पर किसान गेहूं के बाद खेतों में धान लगाते हैं। लेकिन धान की खेती शुरु होने में अभी लगभग तीन माह का समय बांकी है। ऐसे में किसान इस तीन महीने तक खेत को खाली छोड़ देते हैं। किसान गेहूं की खेती के बाद जायद के फसल की खेती कर सकते हैं। इस खेती में कम लगात में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।
मूंग की खेती का महत्व मूंग एक ऐसी फसल है जो गेहूं के कटने के बाद खाली खेतों में यदि लगा दिया जाए तो धान की खेती से पहले ही फसल तैयार हो जाती है। इससे किसानों अच्छी आमदनी के साथ खेतों को पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन भी मिल जाता है। खास बात यह है मूं की फसल लगाने में लगात भी कम आती है। इस संबंध में बीएओ दीपेश साह न...
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