सोनभद्र, अक्टूबर 11 -- दुद्धी। श्रीश्री सुदर्शन महायज्ञ 21 कुंडीय के तृतीय दिवस नारायणाचार्य महाराज एवं उनके साथ उत्तर भारत एवं दक्षिण भारत के आचार्यों ने अरणी मंथन एवं वैदिक मंत्रोच्चार से हुए अग्नि देव प्रज्वलित किया गया। इस दौरान ब्रह्मांड के सभी देवी देवताओं का आह्वान किया। यह देख वहां मौजूद श्रद्धालु अचंभित हो गए। तत्पश्चात यज्ञ परिक्रमा कर भक्त पाप मुक्त हुए। महाराज ने बताया कि दुद्धी की इस धरती पर ब्रह्मांड के समस्त देवी देवताओं का आह्वान कर उन्हें यहां आमंत्रित किया गया है,अब उनकी उपस्थिति रहेगी। इस धरती की रज भी अमृत के समान है। कोई भी व्यक्ति कम से चार बार यज्ञ की परिक्रमा कर अपने बुरे कर्मों से मुक्त हो सकता है। ईश्वर भाव से इनके दर्शन से हर व्यक्ति की मंगल कामना पूरी होगी। इस अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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