अलीगढ़, मार्च 19 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। 1990 में जब भगवान राम का नाम लेना भी अपराध था। उस समय रामभक्ति चालान कटने के बाद जेल गए रामभक्त गुरूवार को अयोध्या में हुए कार्यक्रम में शामिल होने का इंतजार ही करते रह गए। ट्रस्ट जारी की गई सूची में रामभक्तों का नाम तो शामिल हुआ लेकिन निमंत्रण नहीं मिला। दरअसल ऐसे रामभक्तों को अयोध्या में 19 मार्च को होने वाले नवसम्वत कार्यक्रम में सम्मानित किया जाना था। अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर में 19 मार्च को नव संवत्सर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री शामिल हुए। इस कार्यक्रम में मंदिर आंदोलन में संघर्ष करने वाले साथियों को खोजकर सम्मानित किया गया। सम्मान सिर्फ उन रामभक्तों को ही दिया गया, जिन पर रामभक्ति का चालान प्रमाण पत्र था। इस प्रमाणपत्र पर नाम, पता, पिता का ...