आनंद सिन्हा, नवम्बर 26 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राममंदिर पर धर्म ध्वजारोहण के साथ जहां एक संकल्प की सिद्धि प्राप्त की, वहीं उन्होंने अपने उद्बोधन के जरिये समाज, संगठन और सरकार को नए संकल्पों के लक्ष्य भी दिए। संकल्प - सुखी समृद्ध समाज का, सर्वसमावेशी राजनीति और गुलामी की मानसिकता से आजादी का...। इन संकल्पों के जरिये जहां उन्होंने विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस को निशाने पर लिया वहीं वाल्मीकि, शबरी, अहिल्या और निषाद राज के मंदिरों के दर्शन के जरिये 'सबका साथ-सबका विकास' की राजनीति को और सशक्त कर गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक धर्म ध्वजारोहण को भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का अवसर बताकर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को मजबूत करने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने 'सदियों के घाव भर रहे हैं, सदियों की वेदना विराम पा रही है, के वच...
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