अयोध्या, नवम्बर 10 -- बीकापुर, संवाददाता। बीकापुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत चरांवा मे आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत के चौथे दिन की कथा में कथा वाचक आचार्य धरणीधर ने कहा कि संसार भगवान का एक सुंदर बगीचा है। इसमें चौरासी लाख योनियों के रूप में अलग-अलग प्रकार के फूल खिले हुए हैं। जब कोई अपने गलत कर्मों से इस बगीचे को नुकसान पहुंचाता है,तब भगवान धरा पर अवतरित होते हैं। समुद्र मंथन की कथा का अर्थ समझाते हुए कहा कि मानव हृदय ही संसार सागर है। मनुष्य के अच्छे और बुरे विचार देवता और दानव के मंथन की तरह है। कभी अच्छे विचारों का मंथन चलता है तो कभी बुरे विचारों का। श्रीमद्भागवत कथा अनेक पुराणों की कथा का सार है। भागवत कथा पढ़ने और सुनने से जीवन में सात्विक विचार पैदा होते हैं। सांसारिक जीवन में पाप कर्म नहीं करने का संदेश मिलता है। हर व्यक्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.