प्रयागराज, जुलाई 18 -- झूंसी, हिन्दुस्तान संवाद। देवरहा बाबा आश्रम में आयोजित रघुनाथ जी की कथा में कथा व्यास रामदिनेशाचार्य ने कहा कि अयोध्या की प्रसन्नता लोगों को हमेशा खटकती रही है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के जन्म से अयोध्या आनंदित हुई, फिर विवाह के बाद मंथरा के कारण वनवास का प्रसंग आया और अयोध्या शोक में डूब गई। रावण वध के बाद श्रीराम लौटे तो उत्सव मनाया गया, लेकिन बाद में धोबी प्रसंग आ गया। इसके बाद बाबर के आक्रमण से अयोध्या का वैभव प्रभावित हुआ। लगभग 500 वर्षों बाद श्रीराम मंदिर निर्माण से अयोध्या फिर आनंदित हुई, लेकिन चोरी जैसी घटनाएं सामने आ गईं। उन्होंने कहा कि अयोध्या का आनंद लंबे समय तक रहने नहीं दिया जाता।उन्होंने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य केवल दुख ही नहीं, बल्कि सुख के समय भी गुरु और भगवान के चरणों में प...