वाराणसी, जून 11 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की प्रभाती में गुरुवार को अयोध्या की वरिष्ठ कलाकार डॉ.कल्पना बर्मन का सरस शास्त्रीय गायन हुआ। उन्होंने राग भटियार में मध्यलय झपताल में 'तोरे दर्शन आस धरि आयो' और द्रुत लय तीनताल में 'सजन मीठ बोला कब घर आये' का गायन किया। उन्होंने मीरा बाई और संत कबीर के भजन भी सुनाए। सह गायन में उनकी शिष्याओं अंशिका सिंह और हर्षिता मौर्या ने सहयोग किया। तबला पर पीयूष कुमार ने संगत की। कलाकारों का सम्मान संस्था के उपाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा एवं सचिव डॉ.रत्नेश वर्मा ने किया। संचालन डॉ.प्रीतेश आचार्य ने किया। यह भी पढ़ें- वैष्णवी ने प्रभाती में लगाए राग देसी के सुर

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...