नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष के एक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने 21 एआईएडीएमके विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही रोक दी गई थी। इन विधायकों ने अपनी पार्टी के व्हिप के बावजूद विश्वास प्रस्ताव के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में वोट किया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट द्वारा पी.वी. सेल्वाकुमार की जनहित याचिका को खारिज करने के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया। हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि वह कानून से जुड़े सवालों को खुला छोड़ रही है और उचित कार्यवाही में उन पर विचार करेगी। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने याचिकाकर्ता के 'मुकदमा करने के अधिकार पर सवाल उठाया और कह...