नई दिल्ली, सितम्बर 12 -- अमेरिका इस बात की जांच कर रहा है कि क्या चीन की सैटेलाइट तस्वीरों की मदद से ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया था। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि ईरान ने 17 जुलाई के हमले से पहले जॉर्डन के मुवाफ्फक अल-सलती एयरपोर्ट की बेहद साफ तस्वीरें हासिल की थीं। हमले के बाद भी ऐसी तस्वीरें ली गईं, ताकि नुकसान का पता लगाया जा सके। इसी हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे। यह अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद पहला ऐसा ईरानी हमला था, जिसमें अमेरिकी सैनिकों की जान गई। यह भी पढ़ें- पैरों में चप्पल, हाथ में मिसाइल! सेना जैसी वर्दी क्यों नहीं पहनते हूती लड़ाके? मुवाफ्फक अल-सलती एयरपोर्ट जॉर्डन की राजधानी अम्मान से करीब 100 किलोमीटर दूर है। ईरान ने जुलाई म...