नई दिल्ली, मार्च 3 -- ईरान संकट के बीच होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से दुनियाभर की टेंशन बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। इस बीच भारत के अधिकारियों ने कहा था कि फिलहाल भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार है। फिर भी अगर जरूरत पड़ी तो विकल्प तलाशे जाएंगे। इसमें रूस से तेल आयात बढ़ाना भी शामिल हो सकता है। अमेरिका से ट्रेड डील के बाद भी फरवरी महीने में भारत ने सबसे ज्यादा तेल रूस से ही आयात किया। वहीं दूसरे नंबर पर भारत के लिए तेल का सबसे बड़ा तेल निर्यातक सऊदी अरब रहा। पश्चिम एशियाई देशों से तेल का आयात बढ़ाया गया है। डेटा और एनालिटिक्स सर्विस प्रोवाइडर केपलर की रिपोर् के मुताबिक पिछले कुछ सालों से भारत सऊदी अरब से रोज 6 से 7 लाख बैरल कच्चा तेल आयात कर रहा था। पिछले 6 सालों में भारत ने सऊदी अरब से बड़ी मात्रा में तेल आयात कि...