नई दिल्ली, फरवरी 3 -- भारत और अमेरिका के बीच 2 फरवरी, 2026 को हुए प्रारंभिक व्यापार समझौते की घोषणा दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक अहम बदलाव दिखाती है। भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने से यह समझौता हमारे निर्यातकों पर तात्कालिक दबाव कम करता है, साथ ही लेन-देन के उस तर्क को भी रेखांकित करता है, जो दूसरे देशों के साथ अमेरिका की आर्थिक नीतियों को नियंत्रित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद घोषित व्यवस्था, टैरिफ में मिली राहत को रूस से तेल आयात को धीरे-धीरे कम करने और ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि व कोयला आदि क्षेत्रों में अमेरिका से अधिक खरीद के वादे से जोड़ती है। भारतीय अधिकारियों ने हालांकि इस समझौते को 'ऐतिहासिक' व 'मेक इन इंडिया' पहल क...