नई दिल्ली, मार्च 30 -- पूरे अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और उनकी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन के बावजूद युद्ध के मोर्चे पर किसी तरह की नरमी न दिखना दुखद और चिंताजनक है। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह तीसरा देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन था। बड़ी संख्या में ऐसे अमेरिकी हैं, जो अपने देश में राजा जैसा नेता नहीं चाहते। उन्होंने अपने विरोध-प्रदर्शन अभियान का नाम बेबाकी से 'नो किंग्स' रखा। अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने ऐसे-ऐसे निर्णय लिए हैं, जिनसे खुद अमेरिका में तनाव और चिंता की स्थिति लगातार बनी हुई है। यह भी ध्यान देने की बात है कि ट्रंप और युद्ध के खिलाफ ऐसे प्रदर्शन दुनिया के किसी भी देश में नहीं देखे गए हैं। एक अनुमान के अनुसार, 3,000 से ज्यादा जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। लोकतंत्र तो यही कहता है कि इस प्रदर्शन का असर अमेरिकी राष्ट्रप...