नई दिल्ली, जून 3 -- अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 में शुरू हुए संघर्ष ने दुनिया के ऑयल मार्केट को हिलाकर रख दिया है। युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 70% तक उछल गईं। फरवरी में करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा ब्रेंट क्रूड कुछ ही महीनों में 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। एक समय तो इसकी कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल के इंट्राडे हाई तक चली गई थी। हालांकि अब स्थिति कुछ बदली है और ब्रेंट क्रूड लगभग 95 डॉलर प्रति बैरल तक फिसल चुका है। यानी अपने उच्चतम स्तर से करीब 25% की गिरावट आ चुकी है।युद्ध का इतिहास क्या कहता है? विशेषज्ञों का कहना है कि तेल बाजार का इतिहास बताता है कि युद्ध या भू-राजनीतिक संकट के कारण बढ़ी कीमतें हमेशा लंबे समय तक नहीं टिकतीं। 1973 के अरब ऑयल एम्बार्गो, 1990 के खाड...