गौरीगंज, जनवरी 14 -- अमेठी। स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों को साफ-सुथरा बनाने के लिए 40 करोड़ से अधिक राशि खर्च हो गई है। जिले की 600 से अधिक ग्राम पंचायतों में बनाए गए आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) और कूड़ा उठान के लिए खरीदे गए ई-रिक्शा पूरी तरह निष्प्रयोग साबित हो रहे हैं। हालात यह हैं कि आरआरसी सेंटर उपयोग न होने के कारण खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जबकि ई-रिक्शा गांवों की गलियों में कूड़ा उठाने के बजाय ग्राम प्रधानों के दरवाजों पर शोपीस बने खड़े हैं। शासन के निर्देश पर जिले की 600 से अधिक ग्राम पंचायतों में करीब पांच लाख रुपये से अधिक की लागत से आरआरसी सेंटर बनाए गए हैं। वहीं, प्रत्येक पंचायत में लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत से ई-रिक्शा खरीदे गए। इस तरह पूरी योजना पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके पीछे शासन की मंशा थी कि गांवो...