गोंडा, जून 24 -- गोण्डा, संवाददाता। जिले में जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने के उद्देश्य से जिले में विकसित किए गए अमृत सरोवर अब खुद पानी के संकट से जूझ रहे हैं। कई स्थानों पर तालाब सूखने की स्थिति में पहुंच गए हैं, जिससे पशु-पक्षियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और नियमित देखरेख के अभाव ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। जिले में मनरेगा से सात सौ से अधिक अमृत सरोवर बनाए गए हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत गांवों में जलस्रोत विकसित कर वर्षा जल का संचयन, भूजल स्तर में सुधार और पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कई गांवों में इन सरोवरों का रखरखाव नहीं हो पा रहा है। कहीं गाद जमा है तो कहीं पानी का स्रोत ही समाप्त हो गया है। इसके चलते तालाबों में पर्याप्त पानी नहीं बचा है। गर्मी बढ़ने के साथ आवारा प...