अंबेडकर नगर, मई 1 -- अम्बेडकरनगर, संवाददाता। जिले में अमृत सरोवरों के उदेश्य को जिम्मेदार भूल गए हैं। इसी का नतीजा है कि जिले के अलग अलग हिस्सों में निर्मित अमृत सरोवरों में पानी का अभाव बना हुआ है। कहीं कहीं तो स्थिति इतनी खराब है कि अमृत सरोवर से धूल उड़ रहे हैं। वहां लगे बेंच भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अमृत सरोवरों में पानी न होने का बड़ा खामियाजा छुट्टा पशुओं को भुगतना पड़ रहा है। वे प्यास से व्याकुल होकर भटकने को मजबूर हैं। सरकार ने अमृत सरोवरों का निर्माण कई उदेश्यों को ध्यान में रखते हुए कराया था। जल संरक्षण के साथ ही सिंचाई के साधन के रूप में इसे देखा जा रहा था। यह भी पढ़ें- लाखों खर्च फिर भी सरोवर का निर्माण अधूरा हालांकि जिम्मेदारों के उदासीन रवैये ने अमृत सरोवरों के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा कर दिया है। बता दें कि जिले में कुल 638 ...