नवादा, जुलाई 15 -- केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विश्वस्तरीय बनने का सपना देख रहे नवादा रेलवे स्टेशन की जमीनी हकीकत दावों से कोसों दूर है। योजना की कछुआ चाल ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। री-डेवलपमेंट यानी पुनर्विकास के नाम पर स्टेशन को खोद तो दिया गया है, लेकिन निर्माण की रफ्तार इतनी सुस्त है कि तय समय-सीमा बीतने के बाद भी काम अधूरा लटका है। कहीं तकनीकी तो कहीं प्रशासनिक तालमेल की कमी के कारण काम की गति 30 फीसदी के आसपास ही ठप पड़ी है। सुविधाओं में बेहतरी की जगह वर्तमान में निर्माण कार्य जारी रहने के कारण परिसर में बिखरी सामग्रियों से यात्रियों को भारी संकट झेलने की नौबत बनी हुई है। अब तक की स्थिति को देखते हुए विभागीय अधिकारी भी यह कहते मिल जाते हैं कि 2027 के पूर्व यह कार्य पूर्ण होना संभव नहीं दिख...