नई दिल्ली, मई 4 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हाईकोर्ट समेत ओडिशा की विभिन्न अदालतों द्वारा पारित उन आदेशों पर कड़ी नाराजगी जताई है जिनमें आरोपियों को जमानत देने के एवज में 'पुलिस स्टेशनों की सफाई' करने की शर्त रखी गई थी। इन आरोपियों में मुख्य रूप से दलित और आदिवासी समुदाय के लोग शामिल हैं। शीर्ष अदालत ने ऐसे सभी आदेश रद्द कर दिए। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इन शर्तों को मानवाधिकारों का उल्लंघन और व्यक्ति की गरिमा पर सीधा प्रहार बताया है। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था।क्या है पूरा मामला? हाल ही में आई कई मीडिया रिपोर्टों में खुलासा हुआ था कि ओडिशा की कई अदालतें और स्वयं ओडिशा हाईकोर्ट जमानत देते समय अजीबोगरीब शर्तें लगा रहे हैं। पिछले 6 महीनों...