हाथरस, जून 14 -- हाथरस। सोमवार को जेष्ठ अधिकमास में सोमवती अमावस्या का दुलर्भ संयोग बन रहा है। यह सयोग 27 साल बाद आया है। अमावस्या पर दान पुण्य के साथ जगह जगह प्रसाद वितरण होगा। वहीं काफी संख्या में श्रध्दालु गंगा घाटों के लिए रवाना होगे। सोमवार को अमावस्या पर अमृत सिध्दि और सर्वार्थ सिध्दि योग का प्रभाव रहेगा। शास्त्रों में जेष्ठ अधिकमास की सोमवती अमावस्या को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की आराधना करने तीर्थ स्नान करने और दान पुण्य से मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। विशेष रूप से पितरों की शांति के लिए तर्पण पिंडदान और श्राध्द कर्म का महत्व है। यह भी पढ़ें- सोमवती अमावस्या आज, स्नान-दान और पितृ तर्पण का विशेष महत्व अधिकमास सामान्यत: तीन वर्ष बाद आता है।अधिकमास में सोमवार के दिन अमावस्या का संयोग अत्...