बांदा, जून 5 -- बांदा। पैलानी के अमारा गांव में चार सौ वर्ष पुराना बरगद का वृक्ष है, जो मुगलकाल से पूर्व का बताया जा रहा है। यह वृक्ष अंग्रेजों के शासन और भारत के आजाद होने का भी गवाह है। वन विभाग ने जनपद के इस प्राचीन बरगद के वृक्ष को विरासत वृक्ष के रूप में सहेजा है। मौके पर बोर्ड लगाकर इसके चारो तरफ चबूतरा बनवाया है। प्रभागीय वनाधिकारी अरविंद कुमार बताया कि जनपद में 17 विरासत वृक्ष हैं, जो 100 से 400 वर्ष पुराने हैं। पर्यावरण की दृष्टि से यह बेहद महत्वपूर्ण है। यह भी पढ़ें- हरियाली बढ़ी.. सुलगता कूड़ा बन रहा जानलेवा यह भी पढ़ें- अमरकथा शिल्पी रेणु जी का पर्यावरण से रहा है गहरा लगाव यह भी पढ़ें- पेड़ पौधों के प्रेमी हैं आमस के नीरज सिंह

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