बलिया, अप्रैल 2 -- रानीगंज, हिन्दुस्तान संवााद। गुलाम भारत की आजादी के लिए सिर पर कफन बांधकर निकल पड़ने वाले अमर शहीद कौशल कुमार के पैतृक गांव नारायणगढ़ को जाने वाली सड़क बदहाल है। सड़क पर कहीं पिच ही गायब है तो कहीं बड़े-बडे गड्ढे उभर आए हैं।बैरिया तहसील के नारायणगढ़ गांव को अमर शहीद कौशल कुमार की जन्मदायिनी होने का गौरव प्राप्त है। पूर्व मंत्री भरत सिंह ने वर्षों पहले उनकी स्मृति में एक प्रवेश द्वार भी बनवाया था। इसी प्रवेश द्वार से नारायणगढ़ को एक सड़क जाती है। उसकी हालत बद से बदतर हो गई है। इस पर से गुजरने में राहगीरों को काफी दिक्कत होती है। चार पहिया वाहन दूर तक धूल उड़ाते हैं तो दुपहिया चालक अनियंत्रित हो जाते हैं। गड्ढे में गिरकर चोटिल हो जा रहे हैं। सड़क में जगह-जगह बने गड्ढे इसकी दुर्दशा बयां कर रहे हैं।

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