बांका, नवम्बर 15 -- अमरपुर। निज संवाददाता अमरपुर प्रखंड क्षेत्र पशु चिकित्सा के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है। कभी यहां कई जगह सरकारी स्तर पर पशुओं के इलाज के लिए अस्पताल एवं पशुधन सहायक केंद्र खोले गए थे जहां पशुपालक आसानी से अपने पशुओं का इलाज कराते थे। लेकिन धीरे-धीरे यह व्यवस्था बंद होती चली गई, जिसका खामियाजा इस क्षेत्र के पशुपालक भुगत रहे हैं। अमरपुर में आजादी के समय से ही भरको, अठमाहा एवं डुमरिया में पशुधन सहायक केंद्र संचालित था जबकि अमरपुर में प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय था। इन सभी जगहों पर डॉक्टर एवं पशुधन सहायक पदस्थापित थे तथा नियमित रूप से केंद्र पर पहुंचते थे। इसका लाभ क्षेत्र के पशुपालकों को मिलता था। अमरपुर के डुमरिया गांव में संचालित पशुधन सहायक केंद्र करीब डेढ़ दशक पूर्व बंद हो गया। ग्रामीण बताते हैं कि जब यहां पशुधन सहाय...