नोएडा, अप्रैल 16 -- ग्रेटर नोएडा, आशीष धामा। परीक्षा परिणाम में अपेक्षित अंक न मिलने पर छात्रों में नैतिक तनाव, अवसाद और आत्मग्लानि की समस्या तेजी से बढ़ती है। गुरुग्राम में परिणाम जारी होने के बाद छात्र द्वारा आत्महत्या की घटना इसकी बानगी है। गौतमबुद्धनगर में भी काफी छात्र ऐसा कदम उठा चुके हैं। जबकि, मनोविज्ञानी का कहना है कि इस समय अभिभावकों की स्वीकार्यता और समर्थन से ही बच्चों को संभाला जा सकता है। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के मनोविज्ञानी प्रो. डॉ. एपी सिंह बताते हैं कि परीक्षा परिणाम में छात्रों को उनकी अपेक्षा के अनुसार अंक नहीं मिलते, जिससे वे मानसिक दबाव और घर वालों की निराशा का सामना करते हैं। यह भी पढ़ें- सबीएसई के मैट्रिक की परीक्षा का परिणाम आने पर जश्न छात्रों के परिणाम को परिवार और समाज प्रतिष्ठा से जोड़कर देखता है, जिस कारण ब...