नई दिल्ली, अगस्त 3 -- कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके भले ही जंतर-मंतर पर एक बड़े छात्र आंदोलन की अगुआई करके बहुत से लोगों की तारीफें बटोर रहे हैं, लेकिन उनके आलोचकों की भी कमी नहीं। अभिजीत दीपके के आलोचक और यहां तक कि आंदोलन में शामिल बहुत से युवाओं ने भी इस बात को लेकर सवाल उठाया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के समय जब छात्रों पर लाठीचार्ज हो रहा था तो सीजेपी के मुखिया उनके साथ नहीं थे, बल्कि वह जंतर-मंतर पर ही एक ट्रक पर चढ़े रहे। दीपके ने अब इस पर सफाई देते हुए कहा है कि तीन दिन के अनशन की वजह से वह काफी कमजोर हो गए थे और उन्हें चक्कर आ गया था। यदि वह अनशन पर नहीं होते तो जरूर छात्रों के साथ जमीन पर मार्च करते। दीपके ने यह भी कहा कि वह अपनी टीम के साथियों के कहने पर ट्रक पर चढ़े थे। न्यूजलॉन्ड्री को दिए एक इंटरव्यू मे...