नई दिल्ली, मार्च 12 -- कारों की सेफ्टी के लिए कंपनियां कई अलग-अलग फीचर्स दे रही हैं। इसमें एयरबैग, कैमरा, सेंसर के साथ अब ADAS का इस्तेमाल भी किया जाने लगा है। ADAS यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम अब गाड़ियों में हिस्सा बनता जा रहा है। पहले ये सिर्फ लग्जरी गाड़ियों में देखने को मिलता था। हालांकि, अब अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन-कीपिंग असिस्ट जैसे फीचर्स धीरे-धीरे आम कारों में भी मिलने लगे हैं। ADAS को लेकर कंपनियों का दावा रहता है कि ये एक्सीडेंट को रोकने में काफी मदद करते हैं। भारत जैसे देश के लिए, जहां रोड सेफ्टी एक बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है, इसका असर बहुत बड़ा हो सकता है। भारत में हर साल 1.5 लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे यह दुनियाभर में सबसे खतरनाक सड़क वाले इलाकों में से एक बन गया ...
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