सहरसा, जून 11 -- सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। बढ़ती आबादी बीच अब गांवों में भी जमीन व घर आंगन सिकुड़ती जा रही है। जिससे गांवों में सार्वजनिक बडे़ स्थल या बड़े दलान की कमी होने लगी है। खासकर कन्या की विवाह के समय अभिभावकों को सार्वजनिक स्थल चिन्हित कर आयोजन कराना बड़ी चुन्नौती बनने लगी है। हालांकि बड़े परिवार अब गांव को छोड़ शहर के रिसोर्ट में शादी विवाह का आयोजन अधिक रूप से करने लगे हैं। लेकिन मध्यम वर्गीय लोग शादी विवाह व अन्य बड़े प्रयोजन गांव घर में ही सीमित जगहों पर ही किसी तरह कर लेते हैं। लेकिन अब जल्द ही अपने स्थानीय पंचायतों में ही बने विवाह मंडप में लड़का लड़की की शादी होगी । यह भी पढ़ें- सुपौल : जिले की 81 समेत सूबे की 1337 पंचायतों में 73.53 करोड़ से बनेगा विवाह मंडपसरकारी योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों को शादी सुव...