रिषिकेष, सितम्बर 2 -- डायबिटीज के मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब रोजाना इंसुलिन का इंजेक्शन लेने के बजाय सप्ताह में केवल एक बार इंसुलिन लेने का विकल्प उपलब्ध हो गया। देहरादून के होटल एमजे रेजीडेंसी में "देखभाल में इनोवेशन: डायबिटीज मैनेजमेंट को बेहतर बनाना " विषय पर कार्यशाला हुई। जिसकी अध्यक्षता कर रहे एम्स ऋषिकेश के इंटरनल मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं कार्डियो-डायबिटिक सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. रविकांत ने कहा कि साप्ताहिक इंसुलिन से मरीजों को रोजाना इंजेक्शन लेने की परेशानी से राहत मिल सकती है और उपचार को नियमित रखना आसान हो सकता है। कहा कि सप्ताहिक इंसुलिन गर्भवती महिलाओं, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा गंभीर या तीव्र बीमारी से जूझ रहे मरीजों में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्...