जमशेदपुर, मई 1 -- अब ऑस्टियो आर्थेराइटिस (हड्डी के जोड़ में सूजन से हुआ गठिया) की पहचान बीमारी शुरू होने के समय ही की जा सकेगी। एमजीएम के डॉक्टरों ने शोध कर खून जांच से इसकी पहचान की नई तकनीक विकसित की है। इससे पहचान कर व्यक्ति के घुटने को खराब होने से बचाया जा सकेगा। यह शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल पबमेड सेंट्रल (पीएमसी) में प्रकाशित हुआ है। पहले व्यक्ति में जब घुटने का दर्द होता तो डॉक्टर सामान्य दर्द की दवा देते थे। दर्द ज्यादा दिन रहने पर एक्स-रे कराया जाता था। इसके बाद पता चलता था कि उसे ऑस्टियो आर्थराइटिस है, लेकिन तब तक घुटना खराब हो चुका होता था। ऑपरेशन ही उपाय रह जाता था। पहले कोई ऐसी जांच की जानकारी नहीं थी, जिससे शुरुआत में ही बीमारी पता लग सके।
शोधकर्ताओं की टीम एमजीएम हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डा. याकूब सांगा के नेतृत्व में एमजी...
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