मेरठ, नवम्बर 7 -- जनप्रतिनिधियों द्वारा आवास एवं विकास परिषद और एमडीए की योजनाओं में आवासीय भवनों और भूखंडों में हुए व्यावसायिक निर्माण को बाजार स्ट्रीट का दर्जा दिए जाने के प्रस्ताव पर शासन की मुहर के बाद ही कानूनी जामा पहनाया जा सकता है। सेंट्रल मार्केट में कॉम्पलेक्स संख्या 661/6 के ध्वस्तीकरण के बाद सेंट्रल मार्केट का भविष्य भी शासन को ही तय करना है। व्यापारियों द्वारा मांगे जा रहे बाजार स्ट्रीट के प्रावधान को पहले आवास एवं विकास परिषद की बोर्ड बैठक में पास कराना होगा। वहीं इसके बाद मेरठ मास्टर प्लान 2031 में इसके लिए संशोधन कराना होगा। शासन के निर्णय के बाद इसे लागू किया जा सकेगा। इस पूरी प्रक्रिया में लंबा समय लगने जा रहा है और यह इतना आसान भी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट स्थित कॉम्पलेक्स संख्या 661/...
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