बुलंदशहर, मार्च 1 -- प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अब शवों के पोस्टमार्टम की राह साफ हो गई है। शासन ने निर्णय लेते हुए राजकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों को पोस्टमार्टम की अनुमति दे दी है। इस नई व्यवस्था से न केवल जिला अस्पताल का बोझ कम होगा, बल्कि मेडिकल के छात्रों को भी फॉरेंसिक जांच की बारीकियों को सीखने का मौका मिलेगा। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पवन कुमार अरुण द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में सीएमओ, एसएसपी और मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य शामिल होंगे। यह कमेटी तय करेगी कि किस थाने का पोस्टमार्टम किस मेडिकल कॉलेज या संस्थान में किया जाएगा। इससे शवों को भेजने में होने वाली देरी और असमंजस की स्थिति खत्म होगी। शासन ने साफ किया है कि निजी मेडिकल कॉलेज केवल ला...
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