गोरखपुर, अक्टूबर 1 -- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में फर्जी हाजिरी और गोलमाल रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब मजदूरों की हाजिरी चेहरा देखकर (फेस ऑथेंटिकेशन) लगेगी। मनरेगा पोर्टल पर श्रमिकों का ई-केवाईसी (e-KYC) और फोटो स्कैन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नई फेस रीडिंग/फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक मनरेगा में बरसों से चली आ रही धांधलियों पर रोक लगाएगी। बता दें कि काम कर रहे जगह पर एक विशेष एप के जरिए मजदूरों की फोटो ली जाएगी। यह तस्वीर तुरंत आधार डेटा से मिलान होगी। यदि मिलान सफल होता है, तभी हाजिरी मानी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि योजना में पूरी तरह पारदर्शिता लाई जाए और केवल योग्य मजदूरों को ही मजदूरी मिले। यदि किसी मजदूर ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, तो उनकी हाजिरी अब नहीं लगेगी। प्रशासन ने...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.