इंदौर, मई 15 -- मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला शुक्रवार को आ गया। अपने फैसले में उच्च न्यायालय ने इस पूरे परिसर को वाग्देवी सरस्वती से जुड़ा उनका मंदिर माना है। हाई कोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने यह निर्णय सुनाया। उधर इस बारे में जानकारी देते हुए हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने इसे राम मंदिर के बाद उसी तरह का दूसरा ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि अपने आदेश में कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 23 साल पुराने आदेश को आंशिक रूप से रद्द कर दिया, जिसके बाद अब भोजशाला परिसर में हर शुक्रवार को होने वाली नमाज नहीं होगी और सिर्फ हिंदू धर्म के लोग ही वहां पूजा पाठ कर सकेंगे। इसके साथ ही जैन ने बताया कि कोर्ट ने सरकार को यहां के मैनेजमेंट की व्यवस्था करने और लंदन के ...