नई दिल्ली, अगस्त 26 -- अमेरिका ने ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए वैश्विक अभियान का ऐलान किया है। इसे 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' नाम दिया गया है। इसके जरिए ईरान के वित्तीय ढांचे, तेल से होने वाली कमाई और वैश्विक संबंधों को निशाना बनाने की व्यापक रणनीति है। माना जा रहा है कि इसका असर भारत-ईरान व्यापार संबंधों पर भी देखने को मिल सकता है। भारत ईरान के पांच सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में रहा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच व्यापार 2018-19 के 17 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर से 90 फीसदी से अधिक गिर चुका है। अब भारत से ईरान को ज्यादातर उन्हीं सामानों का निर्यात होता है, जिन्हें मानवीय आधार पर अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट मिली हुई है।इन चीजों पर खास अशर विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की ईरान पर प्रस्तावित इन नई पाबंदियों से ईरान को भारत के...