नई दिल्ली, अप्रैल 30 -- राजस्थान में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं के बीच राज्य वन विभाग ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब किसी भी लेपर्ड को 'आदमखोर' घोषित कर उसे मारने की अनुमति देना आसान नहीं होगा। नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत यह स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी लेपर्ड को इस श्रेणी में रखने से पहले पुख्ता वैज्ञानिक और कानूनी साक्ष्य अनिवार्य होंगे। यह नई गाइडलाइन चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन के.सी.ए. अरुणप्रसाद द्वारा जारी की गई है, जिसमें मानव सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। विभाग का मानना है कि कई मामलों में बिना ठोस जांच के ही जानवरों को 'आदमखोर' घोषित कर दिया जाता था, जिससे निर्दोष वन्यजीवों की जान चली जाती थी।फॉरेंसिक जांच के बिना नहीं होगा फैसला नई SOP के अनुसार अब केवल अनुमा...
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