मोतिहारी, सितम्बर 4 -- अरेराज। 'बकरी नहीं चरायेगे और नियमित स्कूल जायेंगे' की परिकल्पना को अरेराज प्रखंड के सुदूर ग्रामीण परिवेश में संचालित एक सरकारी विद्यालय ने धरातल पर साकार सिद्ध कर दिखाया है। प्रधान शिक्षक के अथक प्रयास से राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय भेलानारी के पोषक क्षेत्र के बच्चे अब विद्यालय अवधि में सरेह में बकरी चराने के बदले विद्यालय में नामांकित होकर नियमित रूप से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्रधान शिक्षक मदनमोहन नाथ तिवारी कहते हैं कि एक भी बच्चा नामांकन से वंचित नहीं रहे इसके लिए पोषक क्षेत्र के खेतों में बकरी चराने वाले बच्चों को उनके माता पिता की सहमति से विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित कराने का प्रयास सफल हुआ है। अब निर्धन परिवार के अभिभावक अपने बच्चों को बकरी चराने के बदले नियमित रूप से विद्यालय भेज रहे हैं । इन बच्चों ...