मेरठ, मार्च 5 -- मेरठ। प्रमुख संवाददाताशैक्षिक सत्र 2026-27 से स्कूलों में नौंवी-दसवीं के विद्यार्थियों को अब पृथ्वी विज्ञान (अर्थ साइंस) भी पढ़ना होगा। दोनों कक्षाओं में छात्रों को अभी विज्ञान में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान एक साथ पढ़ना होता है, लेकिन नए सत्र में इसमें पृथ्वी विज्ञान जुड़ जाएगा। छात्रों को नए सत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा और इसके विज्ञान के योगदान को भी समझने-पढ़ने का मौका मिलने जा रहा है।राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने नौंवी के लिए संशोधित ड्राफ्ट पाठ्यक्रम जारी किया है। जुलाई से प्रस्तावित इस पाठ्यक्रम में छात्रों को रटने के बजाय कौशल आधारित सीखने, व्यवहारिक समझ विकसित करने और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। नए पाठ्यक्रम में कुछ अध्यायों को हटाया गया है जब...
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