सहरसा, जनवरी 17 -- सहरसा, नगर संवाददाता। नये भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक जांच की भूमिका अनिवार्य कर दी गई है।जिसके कारण पुलिस वैज्ञानिक अनुसंधान पर फोकस कर रही है।जिसमें साक्ष्यों की उपयोगिता अहम है।जिसके कारण साक्ष्यों को सुरक्षित करना पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण टास्क है।ताकि अपराध का अनुसंधान सही दिशा में हो और तत्काल उद्भेदन किया जा सके।साथ ही अपराधियों को ससमय सलाखों के पीछे भेजा जा सके।नये कानून में फॉरेंसिक जांच के महत्व की देखते हुए सभी थाना को अपराध स्थल उपकरण किट का वितरण किया गया है।जिले के सभी थानाध्यक्ष को अनुसंधान कीट उपलब्ध कराया गया है।जो घटनास्थल को सुरक्षित रखने में मदद करेगा।कीट में घटनास्थल की घेराबंदी करने अथवा सुरक्षित करने वाला टेप है।जिससे घटनास्थल को सुरक्षित ...
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