केशव भारद्वाज, मार्च 27 -- मध्य-पूर्व में जारी युद्ध का असर अब स्थानीय उद्योगों पर भी नजर आने लगा है। फरीदाबाद और पलवल के कपड़ा और टेक्सटाइल उद्योग महंगाई और कच्चे माल की कमी से जूझ रहे हैं। उद्योगपतियों के मुताबिक, कच्चे माल की कीमतें दोगुना तक बढ़ चुकी हैं, जबकि ऑर्डर में 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इन फैक्ट्रियों में काम करने वाले हजारों लोगों के रोजगार पर भी संकट उत्पन्न हो गया है। फरीदाबाद के अलावा नोएडा और गाजियाबाद में भी टैक्सटाइल इंडस्ट्री का बड़ा कारोबार है। फरीदाबाद और पलवल में कपड़े की छोटी-बड़ी करीब 200 औद्योगिक इकाइयां हैं। ये मुख्य रूप से निर्यात और घरेलू बाजार के लिए काम करती हैं। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध ने सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कपड़ा उद्योग में उपयोग होने वाले धागे, केमिकल्स और रंग...
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