नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- नई दिल्ली। अभिनव उपाध्यायदिल्ली विश्वविद्यालय का 'कार्बन गार्डन' राजधानी में प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक नया मॉडल बनकर उभरा है।एक माह में इसे देखने के लिए एक हजार से अधिक लोग डीयू के वनस्पति विज्ञान विभाग में आए हैं। विभागाध्यक्ष प्रो.दीनबंधु साहू का कहना है कि हमारे विभाग द्वारा विकसित यह देश का पहला ऐसा मॉडल है, जो पौधों और सूक्ष्म जीवों के संयोजन से हवा और मिट्टी दोनों को शुद्ध करने का काम करता है। इसे स्कूल, कॉलेज, बॉलकनी और पार्कों में भी लगाया जा सकता है। हमें खुशी है कि इसे शुरू करने के बाद हमारे पास एक हजार से अधिक लोग इसे देखने आए हैं। कई आरडब्ल्यूएस और दूसरे राज्यों के लोग इस मॉडल को समझने और अपने यहां लगाने के लिए सलाह ले रहे हैं। हमने इसके लिए कॉलेजों को भी लिखा है और कई कॉलेजों के प्रोफेसर और छात्...