बगहा, अगस्त 26 -- बेतियाञ। क्लबफुट एक जन्मजात स्थिति है जिसमें नवजात शिशु का पैर अंदर और नीचे की ओर मुड़ा हुआ होता है, और इसका सबसे प्रभावी और स्वीकृत उपचार पोनसेटी विधि दिया जाता है। यह इलाज आमतौर पर बच्चे के जन्म के पहले या दूसरे हफ्ते में शुरू किया जाता है।उक्त बाते मास्टर ट्रेनर डॉ. शुभ लाल ने कही।वे मंगलवार को गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज मे अनुष्का फाउंडेशन फॉर एलिमिनेटिंग क्लबफुट (एएफईसी) की ओर से आयोजित बिहार में क्लबफुट उपचार पर पहली बेसिक मडिकल ट्रेनिंग मे चिकत्सको को सम्बोधित करते हुए बोल रहे थे।

बिहार में क्लबफुट उपचारबिहार में क्लबफुट से प्रभावित बच्चों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में जीएमसीएच मे पहल शुरू की गई है।उन्होंने कहा की इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत चिकित्सकों को क्लबफुट की पहचान, ...