वाराणसी, मार्च 10 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू और आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिकों के दल ने फसलों की कई पीढ़ियों तक सुरक्षा करने वाली नई ग्रीन नैनो टेक्नोलॉजी विकसित की है। वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. प्रशांत सिंह और उनकी शोध टीम ने आईआईटी बीएचयू के स्कूल ऑफ मटेरियल्स साइंस ऐंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों के सहयोग से गेहूं में रोग प्रतिरोधक क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने वाली यह तकनीक विकसित की। इस शोध से पता चला है कि पर्यावरण के अनुकूल जिंक ऑक्साइड नैनोकण गेहूं में फफूंद से होने वाली स्पॉट ब्लॉच बीमारी के खिलाफ डिफेंस प्राइमिंग एजेंट के रूप में कार्य कर सकते हैं। यह गेहूं की सबसे विनाशकारी बीमारियों में से एक मानी जाती है। डिफेंस प्राइमिंग एक ऐसी रणनीति है, जिसमें पौधे सामान्य परिस्थितियों में अतिरिक्त ऊर्जा खर्च किए बिना संभावित तनाव के...