भभुआ, दिसम्बर 4 -- बोले वृद्ध, सांप-नेवले की लड़ाई और कठपुतली का नाच भी हो गया दुर्लभ धान की कटनी शुरू होते ही मदारी वाले करतब दिखाने आने लगते थे गांव में (पेज चार) भगवानपुर, एक संवाददाता। खेतों में धान की फसल पक गई है। कटनी-दवनी भी शुरू हो गई है। लेकिन, बंदर-भालू और कठपुतली का नाच, सांप-नेवले की लड़ाई दिखाने वाले गांव में नहीं आ रहे हैं। पहले छठ व्रत संपन्न होते ही इनकी चहलकदमी दिखने लगी थी। गांवों में डमरू की आवाज सुन बच्चे उनकी ओर दौड़ पड़ते थे। भीड़ जमा होते ही वह मदारी दिखाना शुरू कर देते थे। पिछले वर्ष छोटानागपुर से सांप-नेवले की लड़ाई दिखानेवाला रामचंद्र भुइयां आया था। लेकिन, अब तो मुश्किल हो गया है। यह बातें भगवानपुर के बुजुर्ग लाल साहब सिंह और कृपा नारायण तिवारी ने कही। उन्होंने बताया कि जब धान की कटनी शुरू होती थी, तब मदारीवाले गांव म...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.