प्रयागराज, जून 23 -- प्रयागराज। खाद्य उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी को अब केवल साफ ही नहीं किया जाएगा, बल्कि उससे बॉयो डीजल और उपयोगी नैनो सामग्री भी तैयार की जाएगी। इस दिशा में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान (बॉटनी) विभाग को महत्वपूर्ण शोध परियोजना मिली है। उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूपीसीएसटी) ने विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिवम यादव और सह-अन्वेषक डॉ. ऋतु मिश्रा को यह परियोजना स्वीकृत की है। 'माइक्रोएल्गल रेमेडिएशन ऑफ फूड इंडस्ट्री वेस्ट वाटर कपल्ड विद बॉयो डीजल प्रोडक्शन एंड कार्बन डॉट सिंथेसिस : ए सस्टेनेबल बॉयो रिफाइनरी अप्रोच' नाम वाली इस परियोजना का उद्देश्य खाद्य उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल का सूक्ष्म शैवाल (माइक्रोएल्गी) की मदद से उपचार करना है। शोध के दौरान गंदे पानी में मौजूद प्रदूषक...