सिडनी, सितम्बर 2 -- ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में आयोजित 'मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया' रैलियों ने भारतीय मूल के प्रवासियों को विशेष रूप से निशाना बनाया। इससे ऑस्ट्रेलिया में उग्रवाद के बढ़ते प्रभाव को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। इन रैलियों को केंद्र-वाम सरकार ने नस्लवादी और नव-नाजी समूहों से जुड़ा हुआ बताकर कड़ी नदं की है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार का कहना है कि इस 'नस्लवाद और जाति पर आधारित अति-दक्षिणपंथी सक्रियता' के लिए देश में कोई स्थान नहीं है। प्रदर्शन करने वाले एक समूह की वेबसाइट के अनुसार, आव्रजन के खिलाफ मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया नामक रैलियां सिडनी, मेलबर्न, ब्रिस्बेन, कैनबरा, एडिलेड, पर्थ, होबार्ट आदि स्थानों पर आयोजित की गईं। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने बृहस्पतिवार को एक विज्ञप्ति में कहा था कि प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की सरकार सप्ताहांत के लिए नियोजित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.