जमशेदपुर, सितम्बर 9 -- झारखंड के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक स्तर की शिक्षा को और अधिक रोचक, प्रभावी और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इसके तहत अब स्कूली बच्चों को झारखंड के स्थानीय संसाधनों और उपकरणों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इसके लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) ने राज्य के नौनिहालों के लिए नया टीचिंग-लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) किट विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रांची स्थित जेसीईआरटी में हाल ही में इसे लेकर एक बैठक की गई। इसमें राज्यभर से पहुंचे शिक्षकों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य बाल वाटिका (नर्सरी) से कक्षा पांच तक के बच्चों के लिए स्थानीय परिवेश के अनुकूल विशेष 'अबुआ जादुई पिटारा' किट का खाका तैयार करना था। इस पहल की सबसे खास बात यह है कि 'अबुआ जादुई पिटारा' यानी हमारा जादुई पिटारा पूरी त...